Good Times

खुल गए बंधन , खुल गए है अब सब परदे
रहा नहीं कतिपय , यहाँ कुछ दुर्गम वा अज्ञेय
चिर गए पाश , महालिन हुए सब निबंध प्रमेय
बस बचा है शान्ति , का तर महालय ध्येय
वासना , अग्नि , पोथी है अब प्राचीर प्राचीन
फिर तभी कभी क्यों नर को चाहिए , नित छिन्न भिन्न दुर्जेय ।

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Blue Silence

I am shattered to thousand pieces
Few here and few there
Living is namesake
Since Thousands of years thousands of decades …..

I feel as if wearing bloody clothes woven with tears
Blue blue silence laden sword has crossed me
In and out blowing off my face ……

Fountain of Joy

दत्त राज जन्मले, विश्व आनंदी नाचले ।
त्रिगुणात्मक त्रयमूर्ति ,भूमित आले ,
ब्रह्माण्ड गाजले ,मृदंग वाजले ।

महा रूप संस्कृत ,प्रकट झाले ,
सनातन गाजले ,महागुरु पावले  ॥